- आधिकारिक और पेशेवर संचार के लिए ईमेल आज भी महत्वपूर्ण है।
World’s First Email: आज के दौर में ईमेल पर्सनल और प्रोफेशनल दोनों तरह के लिए इस्तेमाल किया जाता है. नौकरी के लिए अप्लाई करना हो, ऑफिस की जरूरी जानकारी भेजनी हो या किसी संस्था से आधिकारिक बातचीत करनी हो, ईमेल का इस्तेमाल लगभग हर जगह होता है. हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि ईमेल पूरी दुनिया में वर्ल्ड वाइड वेब (WWW) से भी पहले आ चुका था. आइए जानते हैं क्या थी इसकी पूरी कहानी.
1971 में भेजा गया था पहला ईमेल
जानकारी के अनुसार, दुनिया का पहला ईमेल कंप्यूटर इंजीनियर रे टॉमलिनसन (Ray Tomlinson) ने 1971 में भेजा था. दिलचस्प बात ये है कि ये ईमेल किसी दूसरे शहर या देश में नहीं बल्कि उसी कमरे में मौजूद एक दूसरे कंप्यूटर पर भेजा गया था. उस समय उनका मकसद केवल ये चेक करना था कि क्या दो अलग-अलग कंप्यूटर आपस में मैसेज को भेज और रिसीव कर सकते हैं या नहीं.

बता दें कि ये उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जाती है क्योंकि उस समय वर्ल्ड वाइड वेब का अस्तित्व ही नहीं था. WWW की शुरुआत लगभग दो दशक बाद हुई लेकिन ईमेल पहले ही डिजिटल कम्यूनिकेशन का रास्ता खोल चुका था.
पहला ईमेल आखिर लिखा क्या गया था
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अगर आपको लगता है कि पहला ईमेल कोई ऐतिहासिक मैसेज रहा होगा तो ऐसा बिल्कुल नहीं था. खुद रे टॉमलिनसन ने बाद में बताया था कि उन्हें पहला मैसेज याद भी नहीं है क्योंकि वह केवल एक टेस्ट मैसेज था.
उन्होंने कहा था कि संभवतः उन्होंने कीबोर्ड की पहली लाइन के कुछ अक्षर जैसे QWERTYUIOP टाइप किए होंगे. यानी पहला ईमेल किसी खास जानकारी या भावना से जुड़ा नहीं था बल्कि केवल ये जांचने के लिए भेजा गया था कि सिस्टम सही तरीके से काम कर रहा है या नहीं.
एक एक्सपेरिमेंट जिसने बदल दी दुनिया
उस समय रे टॉमलिनसन BBN Technologies नाम की कंपनी में काम कर रहे थे. ये कंपनी अमेरिकी रक्षा विभाग के लिए ARPANET नेटवर्क पर काम कर रही थी जिसे आज के इंटरनेट का शुरुआती रूप माना जाता है.
ईमेल बनाना उनका ऑफिशियल प्रोजेक्ट नहीं था. उन्होंने अपनी इच्छा और टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के तहत एक ऐसा प्रोग्राम तैयार किया जिससे दो कंप्यूटर एक-दूसरे को मैसेज भेज सकें. इस प्रोग्राम का नाम SNDMSG रखा गया और यही आगे चलकर एडवांस ईमेल सिस्टम की नींव बना था.
@ सिंबल की कहानी भी है दिलचस्प
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रे टॉमलिनसन ने सिर्फ पहला ईमेल ही नहीं भेजा था. उन्होंने ही ईमेल एड्रेस में @ (एट द रेट) सिंबल का भी इस्तेमाल शुरू किया जिससे किसी व्यक्ति के नाम और उसके सर्वर या होस्ट को अलग-अलग पहचान मिल सके.

आज दुनिया के हर ईमेल एड्रेस में यही सिंबल इस्तेमाल होता है. इसके अलावा उन्होंने ईमेल के हेडर फॉर्मेट को तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी जिसका इस्तेमाल आज भी लगभग सभी ईमेल सर्विसेज करती हैं.
नए मैसेजिंग ऐप्स के बावजूद क्यों जरूरी है ईमेल?
दरअसल, आज WhatsApp, Telegram और कई इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप्स मौजूद हैं जिनसे कुछ ही सेकंड में बातचीत हो जाती है. इसके बावजूद ईमेल की जरूरत कम नहीं हुई है. सरकारी काम, बैंकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग, नौकरी, कॉलेज एडमिशन और बिजनेस कम्युनिकेशन जैसे ज्यादातर ऑफिशियल काम आज भी ईमेल के जरिए ही किए जाते हैं. यही वजह है कि ईमेल आज भी डिजिटल दुनिया का सबसे भरोसेमंद मैसेज भेजने का जरिया बना हुआ है.
ईमेल इस्तेमाल करते समय ध्यान रखें ये चीजें
आपको बता दें कि ईमेल जितना काम का है, उतना ही खतरनाक भी साबित हो सकता है. जी हां, दरअसल, साइबर अपराधी ईमेल को ही सबसे पहले टॉर्गेट करते हैं. फर्जी ईमेल, फिशिंग लिंक और नकली ऑफर के जरिए लोगों की पर्सनल जानकारी और बैंकिंग डिटेल्स चुराने की कोशिश की जाती है.
ऐसे में किसी भी अनजान ईमेल में मौजूद लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी जांच जरूर करें. संदिग्ध अटैचमेंट डाउनलोड करने से बचें और पर्सनल जानकारी शेयर करने से पहले सभी चीजों को अच्छे से चेक करें.
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