टाइम के साथ बदल गए फोन, लेकिन आज भी इन चीजों की सबको आती है याद


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

Android Hardware Features: पिछले कुछ सालों में स्मार्टफोन पूरी तरह बदल गए हैं. एक समय भारी-भरकम होने वाले फोन आजकल एकदम पतले हो गए हैं. कंपनियां लगातार इन्हें बेहतर बनाने के लिए काम कर रही हैं. डिजाइन के साथ-साथ फोन की टेक्नोलॉजी भी बेहतर हुई है और अब एक स्मार्टफोन में ऐसे फीचर्स आने लगे हैं, जिनके कारण दूसरे गैजेट की छुट्टी हो गई है. हालांकि, इन सब बदलावों के बीच लोगों को अब भी पुराने फोन से जुड़ी कई चीजें याद आती हैं. फोन टेक्नोलॉजी में एडवांसमेंट के बावजूद ये चीजें लोगों के जहन से नहीं जा रही हैं. आज हम आपको ऐसे ही कुछ Android Hardware Features के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें लोग आज भी याद करते हैं.

इन Android Hardware Features को नहीं भूल पाए हैं लोग

Physical keyboards- जिन लोगों ने कीपैड वाले फोन यूज किए हैं, उनके मन में इनकी याद जाना काफी मुश्किल है. नोकिया को छोड़कर अगर एंड्रॉयड डिवाइस की बात करें तो 2009 में लॉन्च हुए Motorola Droid ने एंड्रॉयड को इंडस्ट्री में पहचान दिलाई थी. इस फोन में 3.7 इंच स्क्रीन के साथ QWERTY कीबोर्ड मिलता था. यह दिखने में तो कूल लगता ही थी, इसे यूज करना भी आसान था.

Removable Batteries- जैसे फिजिकल कीबोर्ड वाले एंड्रॉयड डिवाइस चलन से बाहर हो गए, वैसे ही रिमूवेबल बैटरी वाले एंड्रॉयड फोन भी अब पुराने दिनों की बात लगती है. अगर आप थोड़ा और पीछे चलकर देखें तो नोकिया के जमाने में लोग एक्स्ट्रा बैटरी पास रखते थे. एक बैटरी डिस्चार्ज होते ही उसे चार्ज करने की बजाय लोग बैटरी को ही रिप्लेस कर लेते थे. मॉडर्न स्मार्टफोन से बैटरी हटाना लंबी प्रोसेस बन गई है.

Headphone Jacks- धीरे-धीरे स्मार्टफोन से हेडफोन जैक गायब होते जा रहे हैं. हालांकि, अब भी कई स्मार्टफोन में हेडफोन जैक मिलता है, लेकिन अब ये इतने पॉपुलर नहीं रहे, जितने पहले होते थे. अब कनेक्टिविटी के लिए फोन ब्लूटूथ पर डिपेंड होने लगे हैं, लेकिन लोग आज भी 3.5mm ऑडियो जैक को याद करते हैं.

Expandable Storage- आज अगर आप कोई फोन लेते हैं तो उसकी कीमत स्टोरेज के हिसाब से डिसाइड होती है, लेकिन हमेशा से ऐसा नहीं था. कुछ साल पहले तक एंड्रॉयड फोन में microSD स्लॉट मिलता था. ऐसे में यूजर अपनी जरूरत के हिसाब से मेमोरी कार्ड खरीदकर स्टोरेज बढ़ा सकता था. इसी कार्ड को रिमूव करना भी आसान होता था, जिसके चलते एक ही कार्ड कई फोन में यूज कर लिया जाता था.

ये भी पढ़ें-

SIM-binding की तैयारी में जुटी WhatsApp, शुरू कर दी है टेस्टिंग



Source link