भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड अम्ब्रेन ने पावर बैंक सेगमेंट में एक बड़ा इनोवेशन पेश किया है. कंपनी ने भारत में सेमी-सॉलिड बैटरी टेक्नोलॉजी को पेश करने की घोषणा की है, जो पारंपरिक लिथियम-आयन बैटरियों की तुलना में ज्यादा सुरक्षित, स्थिर और ऊर्जा कुशल मानी जा रही है.
कंपनी के मुताबिक, ये नई तकनीक खासतौर पर भारत जैसे देशों के लिए तैयार की गई है, जहां ज्यादा गर्मी और नमी के कारण बैटरी परफॉर्मेंस प्रभावित होती है. सेमी-सॉलिड बैटरी का डिजाइन एक आंशिक रूप से ठोस, जेल जैसी संरचना पर बेस्ड है, जो पारंपरिक बैटरियों में होने वाली समस्याओं को काफी हद तक कम कर सकता है.
जोखिम को कम करता है ये पावरबैंक
इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत इसकी सेफ्टी है. अम्ब्रेन का दावा है कि यह बैटरी ओवरहीटिंग, लीकेज, सूजन (swelling) और आग लगने जैसे जोखिमों को कम करती है. यही कारण है कि यह तकनीक पहले इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर में इस्तेमाल हो चुकी है, जहां सुरक्षा और स्थिरता बेहद महत्वपूर्ण होती है.
एनर्जी एफिशिएंट की बात करें तो कंपनी का कहना है कि यह नई बैटरी तकनीक समान साइज में करीब 1.5 गुना ज्यादा एनर्जी दे सकती है. इसका मतलब है कि या तो पावर बैंक ज्यादा पावर स्टोर कर पाएगा या फिर छोटे साइज में भी बेहतर परफॉर्मेंस देगा.
इसके अलावा, ये बैटरी अलग-अलग मौसम और तापमान में भी लगातार समान आउटपुट देने में सक्षम है. ये फीचर खासतौर पर भारतीय यूजर्स के लिए फायदेमंद है, जहां मौसम में काफी बदलाव देखने को मिलता है.
अम्ब्रेन के मैनेजिंग डायरेक्टर अशोक राजपाल ने कहा कि यह तकनीक कंपनी के प्रोडक्ट्स को ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी भविष्य में अपने और प्रोडक्ट्स में इस तकनीक का विस्तार करेगी.
सेमी-सॉलिड बैटरी तकनीक पावर बैंक इंडस्ट्री में एक नया बदलाव ला सकती है, जिससे यूजर्स को ज्यादा सुरक्षित और बेहतर परफॉर्मेंस वाले डिवाइस मिलेंगे.