कार में रखते ही फोन क्यों हो जाता है आग जैसा गर्म? जानें कैसे बचें


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  • फोन ज़्यादा गर्म हो तो उपयोग रोककर ठंडी जगह पर रखें।

Tech Tips: स्मार्टफोन की जरूरत आज के समय में ज्यादातर लोगों को पड़ती है. खासतौर पर सफर के दौरान लोग स्मार्टफोन का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में अक्सर देखा गया है कि कार में फोन को रखते ही वो ज्यादा गर्म हो जाता है. ऐसे माहौल में अगर स्मार्टफोन डैशबोर्ड पर रखा हो या चार्जिंग पर लगा हो तो उसका तापमान तेजी से बढ़ने लगता है. लगातार ओवरहीटिंग से फोन की बैटरी, स्क्रीन और दूसरे हार्डवेयर पर बुरा असर पड़ सकता है. कई मामलों में बैटरी फूलने या खराब होने का खतरा भी बढ़ जाता है. लेकिन कुछ आसान तरीकों से आप भी इन सभी समस्याओं से बच सकते हैं.

एसी की हवा का सही इस्तेमाल करें

अगर फोन का इस्तेमाल करना जरूरी है तो उसे कार के एसी वेंट के पास रखा जा सकता है जिससे हल्की ठंडी हवा मिलती रहे. इससे फोन का टेंपरेचर कंट्रोल रखने में मदद मिलती है. हालांकि बहुत तेज ठंडी हवा लगातार फोन पर न डालें. अचानक टेंपरेचर बदलने से नमी बनने का खतरा हो सकता है जो डिवाइस के लिए खतरनाक साबित हो सकता है.

मोटा कवर हटाना भी हो सकता है फायदेमंद

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ज्यादातर मोबाइल कवर सिलिकॉन या प्लास्टिक के बने होते हैं जो फोन की गर्मी बाहर निकलने में रुकावट पैदा करते हैं. अगर कार के अंदर फोन ज्यादा गर्म हो रहा है तो कुछ समय के लिए उसका कवर हटाने से हीट आसानी से बाहर निकल सकती है और फोन जल्दी ठंडा हो सकता है.

कार में रखते ही फोन क्यों हो जाता है आग जैसा गर्म? जानें कैसे बचें

फोन को कभी भी सीधी धूप में न रखें

आपको बता दें कि सबसे बड़ी गलती लोग तब करते हैं जब फोन को डैशबोर्ड माउंट पर लगा देते हैं, जहां उस पर सीधे धूप पड़ती रहती है. विंडशील्ड से आने वाली तेज धूप और डैशबोर्ड की गर्मी मिलकर फोन का तापमान बहुत तेजी से बढ़ा देती है.

अगर नेविगेशन के लिए फोन का इस्तेमाल करना जरूरी है तो कोशिश करें कि उसे ऐसी जगह रखें जहां सीधे धूप न पहुंचे.

गेमिंग या भारी ऐप्स चलाने से बचें

कार के अंदर पहले से ही टेंपरेचर ज्यादा होता है. ऐसे में गेम खेलना, वीडियो एडिट करना या दूसरे भारी ऐप्स चलाना फोन के प्रोसेसर को ज्यादा मेहनत करवाता है जिससे टेंपरेचर और बढ़ जाता है. अगर सफर के दौरान फोन का इस्तेमाल करना ही है तो केवल जरूरी ऐप्स जैसे मैप्स या म्यूजिक तक ही सीमित रखें.

जरूरत न हो तो कार में चार्जिंग से बचें

इसके अलावा फोन चार्ज होने के दौरान खुद भी गर्म होता है. अगर उसी समय कार के अंदर का टेंपरेचर भी ज्यादा हो तो ओवरहीटिंग की संभावना कई गुना बढ़ जाती है. खासतौर पर वायरलेस चार्जिंग नॉर्मल केबल चार्जिंग के मुकाबले में ज्यादा गर्मी पैदा करती है. इसलिए गर्म मौसम में कार के अंदर वायरलेस चार्जिंग से बचना बेहतर रहेगा.

स्क्रीन की ब्राइटनेस कम रखें

फोन की डिस्प्ले भी काफी गर्मी पैदा करती है. अगर आप नेविगेशन चला रहे हैं तो स्क्रीन की ब्राइटनेस जरूरत के अनुसार कम रखें. इससे बैटरी की खपत भी घटेगी और फोन कम गर्म होगा.

बेकार के फीचर्स बंद कर दें

अब आपको बता दें कि जब जरूरत न हो, तब Wi-Fi, Bluetooth, Hotspot और बैकग्राउंड में चल रहे एक्सट्रा ऐप्स बंद कर दें. इससे प्रोसेसर पर प्रेशर कम पड़ेगा और फोन कम गर्म होगा.

कार छोड़ते समय फोन अंदर न भूलें

आपको बता दें कि जिस तरह गर्मी में बच्चों या पालतू जानवरों को कार में नहीं छोड़ा जाता, उसी तरह फोन को भी कार के अंदर छोड़ना सही नहीं है. बंद कार का टेंपरेचर बेहद ज्यादा हो सकता है जिससे फोन की बैटरी और दूसरे पार्ट्स को ज्यादा नुकसान पहुंच सकता है.

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अगर फोन ओवरहीट होने लगे तो क्या करें

अगर फोन बहुत ज्यादा गर्म महसूस हो रहा है तो सबसे पहले उसका इस्तेमाल बंद करें और उसे सीधी धूप से हटाकर किसी ठंडी जगह रखें. जरूरत पड़े तो फोन को कुछ देर के लिए स्विच ऑफ कर दें. फोन को अचानक फ्रिज या बर्फ के कॉनटेक्ट में न रखें क्योंकि ज्यादा टेंपरेचर बदलाव से डिवाइस को नुकसान हो सकता है.

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