अब जैकेट में भी आने लगा एयरबैग, कैसे और कहीं भी गिर जाओ नहीं लगने देगी चोट


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Smart Airbag Jacket: तकनीक जिस रफ्तार से आगे बढ़ रही है वह अब सिर्फ स्मार्टफोन या गाड़ियों तक सीमित नहीं रही. अब ऐसे स्मार्ट कपड़े भी तैयार हो रहे हैं जो सीधे हमारी सुरक्षा से जुड़े हैं. हाल ही में एक खास तरह की एयरबैग जैकेट चर्चा में आई है जो गिरने की स्थिति में खुद ही एक्टिव होकर शरीर को चोट लगने से बचाने का काम करती है. यह तकनीक खासतौर पर बुजुर्गों और उन लोगों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है जिन्हें गिरने का ज्यादा खतरा रहता है.

कैसे काम करती है ये स्मार्ट जैकेट और क्या है तकनीक

इस जैकेट में एक एडवांस्ड सुरक्षा सिस्टम लगाया गया है जो किसी भी गिरावट को बेहद कम समय, करीब 0.18 सेकंड के भीतर पहचान कर एक्टिव हो जाता है. इस तकनीक की खास बात यह है कि जैकेट के अंदर एक स्मार्ट चिप लगी होती है जो हर सेकंड हजारों बार शरीर की स्थिति और मूवमेंट पर नजर रखती है. जैसे ही उसे महसूस होता है कि व्यक्ति गिर सकता है या गिर चुका है जैकेट तुरंत एयरबैग की तरह फुलकर सुरक्षा कवच बना लेती है. इससे गिरने के दौरान लगने वाली चोट का असर काफी हद तक कम हो जाता है.

हालांकि इस पूरी तकनीक के सही तरीके से काम करने के लिए जैकेट को चार्ज रखना जरूरी होता है. इसे आसान बनाने के लिए इसमें वायरलेस चार्जिंग का विकल्प भी दिया गया है ताकि बुजुर्गों को ज्यादा परेशानी न हो. इस खास तकनीक को Yidiabao Intelligent Technology Company Limited ने विकसित किया है. कंपनी ने इसी तरह की सुरक्षा तकनीक बेल्ट जैसे अन्य प्रोडक्ट्स में भी इस्तेमाल की है.

बुजुर्गों के लिए क्यों है खास

बढ़ती उम्र के साथ शरीर का संतुलन कमजोर होने लगता है और गिरने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में यह एयरबैग जैकेट एक बड़ी राहत साबित हो सकती है. घर के अंदर हो या बाहर, अगर अचानक फिसलन हो जाए या पैर लड़खड़ा जाए तो यह जैकेट तुरंत एक्टिव होकर चोट के असर को कम कर देती है. यह तकनीक उन परिवारों के लिए भी सुकून देने वाली है जिनके बुजुर्ग सदस्य अकेले रहते हैं या जिनकी देखभाल हर समय संभव नहीं होती.

चार्जिंग और इस्तेमाल की सुविधा

इस स्मार्ट जैकेट को सही तरीके से काम करने के लिए बैटरी की जरूरत होती है. अच्छी बात यह है कि इसमें वायरलेस चार्जिंग जैसी सुविधा भी दी जा रही है जिससे इसे इस्तेमाल करना आसान हो जाता है. एक बार चार्ज करने के बाद यह लंबे समय तक एक्टिव रह सकती है और लगातार यूजर की गतिविधियों पर नजर रखती है.

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