महंगे फोन की बल्ले-बल्ले, बिक्री ने बनाया नया रिकॉर्ड

Satish Kumar Verma

August 10, 2026


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  • महंगे फोन बिक्री बढ़ी, कुल स्मार्टफोन शिपमेंट में गिरावट।
  • घटक लागत बढ़ने से मिड-रेंज फोन महंगे, ग्राहक मजबूर।
  • एप्पल, सैमसंग प्रीमियम बाजार पर हावी, आकर्षक ऑफर दिए।

Premium Smartphone Sales: स्मार्टफोन इंडस्ट्री के लिए यह साल काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है. प्राइस हाइक के कारण लोग फोन खरीदना कम कर चुके हैं और शिपमेंट में गिरावट देखी जा रही है. हालांकि, महंगे फोन के मामले में तस्वीर बिल्कुल अलग है. काउंटरप्वाइंट रिसर्च के मुताबिक, दुनियाभर में 600 डॉलर (लगभग 57,000 रुपये) से अधिक की कीमत वाले फोन की डिमांड बढ़ी है. पिछले साल की पहली छमाही में कुल बिक्री में इनकी हिस्सेदारी 25 प्रतिशत थी, जो इस साल बढ़कर 29 प्रतिशत हो गई है. यह तब है, जब मेमोरी चिप्स की लागत बढ़ने के कारण फोन लगातार महंगे हो रहे हैं. कीमतों में इजाफे को देखकर अब कई लोग फोन खरीदने के फैसले को फिलहाल के लिए टाल रहे हैं. इन सबके बावजूद महंगे डिवाइसेस की बिक्री में लगातार बढ़ोतरी हो रही है.

क्या है इस इजाफे के पीछे वजह?
महंगे फोन की बल्ले-बल्ले, बिक्री ने बनाया नया रिकॉर्ड

काउंटरप्वाइंट का कहना है कि महंगे फोन खरीदना अब सिर्फ लोगों की पसंद तक सीमित नहीं है. स्मार्टफोन इंडस्ट्री की बदली इकॉनमी भी इसके पीछे जिम्मेदार है, जहां कंपोनेंट के प्राइस बढ़ रहे हैं. इस कारण मिड-रेंज में ऑप्शन कम हो रहे हैं. जानकारों का यह भी कहना है कि महंगे फोन की खरीद बढ़ना असल में प्रीमियमाइजेशन नहीं है बल्कि ग्राहकों को मजबूरी में ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ रहा है. महंगी कीमत पर फोन खरीदने के बावजूद उनके एक्सपीरियंस में कोई खास बदलाव नहीं आया है.

महंगी कीमत है सबसे बड़ी वजह

2022 से लेकर 2025 तक ग्राहक हाई-एंड डिवाइस के लिए पैसा खर्च कर रहे थे, लेकिन पिछले कुछ समय से यह ट्रेंड बदला है. इस साल की शुरुआत से ही स्टोरेज और मेमोरी चिप्स की लागत बढ़ने लगी, जिसकी वजह से एंट्री और मिड-रेंज स्मार्टफोन महंगे होने लगे. महंगे फोन बनाने वाली कंपनियों के लिए यह झटका झेलना आसान था क्योंकि उनके पास मार्जिन कम करने का ऑप्शन था. दूसरी तरफ एंट्री और मिड-रेंज फोन बनाने वाली कंपनियों को कीमतों में इजाफा करने पर मजबूर होना पड़ा. इससे मिड-रेंज और प्रीमियम फोन की कीमत के बीच का अंतर कम हो गया. कुछ समय पहले जो फोन 40,000 रुपये की कीमत में बिक रहा था, वह आज 50,000 रुपये का हो गया है. 

ऐप्पल और सैमसंग को सबसे ज्यादा फायदा

महंगे फोन की बिक्री बढ़ने से सबसे ज्यादा ऐप्पल और सैमसंग को फायदा हुआ है. 2026 की पहली तिमाही में प्रीमियम स्मार्टफोन की बिक्री में इन दोनों कंपनियों की 84 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो पिछले साल 82 प्रतिशत थी. इस सेगमेंट में ऐप्पल सबसे ज्यादा बिक्री करने वाली कंपनी बनी हुई है, जबकि सैमसंग ने भी गैलेक्सी एस26 सीरीज के साथ अपनी स्थिति मजबूत की है. वहीं ओप्पो और वीवो भी प्रीमियम सेगमेंट में तेजी से अपनी जगह बनाती जा रही हैं. इस सेगमेंट में सालाना आधार पर ओप्पो की बिक्री 69 प्रतिशत और वीवो की 20 प्रतिशत बढ़ी है.

ग्राहकों को लाने के लिए कंपनियां दे रहीं ऑफर

फाइनेंसिंग ऑप्शन, बायबैक और ट्रेड-इन प्रोग्राम आदि के जरिए कंपनियां ग्राहकों को आकर्षित कर रही है. इन तरीकों से रिटेल कीमत कम किए बिना भी कंपनियां फोन की किफायती बना पाती हैं, जिससे ग्राहकों के उन्हें खरीदना आसान हो जाता है. सैमसंग की बात करें तो कंपनी ने अपने गैलेक्सी फॉरेवर प्रोग्राम में नई मार्केट्स में भी रोल आउट किया है. इसकी मदद से ग्राहक मंथली इंस्टॉलमेंट देकर फ्लैगशिप गैलेक्सी डिवाइस को इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके अलावा कंपनियां EMI टेन्योर को भी बढ़ा रही है. सैमसंग ने अपने लेटेस्ट फोल्डेबल फोन के लिए 30 महीने का नो-कॉस्ट EMI का ऑप्शन दिया है. इसी तरह ऐप्पल अपने प्रोडक्ट्स पर कैशबैक और दूसरे ऑप्शन ऑफर कर रही है.

कब मिल सकती है बढ़ती कीमतों से राहत?
महंगे फोन की बल्ले-बल्ले, बिक्री ने बनाया नया रिकॉर्ड

मोबाइल फोन की बढ़ती कीमतों से फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगले साल के अंत तक मेमोरी चिप्स की कीमतें स्टेबलाइज होने की उम्मीद नहीं है और जब तक ऐसा नहीं होता, फोन की कीमतों में स्टेबिलिटी आना काफी मुश्किल है.

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